12 अप्रैल 2026 की सुबह असम के कछार जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने स्थानीय लोगों को अचानक दहशत में डाल दिया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार यह भूकंप सुबह 09:21:58 बजे आया और इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई।
हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हानि की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन भूकंप के झटकों ने लोगों को घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर पूर्वोत्तर भारत के भूकंपीय संवेदनशील क्षेत्र होने की चिंता को उजागर किया है।
विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि यह क्षेत्र भूकंप के लिहाज से अत्यधिक सक्रिय है और यहां छोटे झटके भी बड़े खतरे का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पर्याप्त तैयारी और जागरूकता मौजूद है?
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अफवाह से बचने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
यह घटना भले ही मामूली रही हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।







