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निश्चय योजना से बदल रही बंदियों की जिंदगी: रायपुर जेल में 67 कैदियों को मिला कौशल प्रमाण-पत्र, कंप्यूटर सेंटर शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी निश्चय योजना के तहत रायपुर के केंद्रीय जेल और महिला जेल में एक गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की राह पर आगे बढ़ाना है।

निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अपराध के दुष्परिणामों की समझ, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है। यह अभियान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सचिव राहुल भगत के सहयोग से राज्य की सभी जेलों में संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल रहे। प्रशिक्षण के जरिए इन्हें सिलाई, हस्तकला और अन्य रोजगारपरक कौशलों से जोड़ा गया है।

डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ भी किया गया। अब बंदी जेल परिसर में ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण लेकर रिहाई के बाद बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

बंदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 13 मई 2026 को केंद्रीय जेल परिसर में इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जहां रिहा होने वाले बंदियों को स्वरोजगार के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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