रायगढ़ में शुरू हुई अत्याधुनिक एफएसएल लैब, अब हत्या-दुष्कर्म और एनडीपीएस मामलों की जांच होगी और तेज

रायपुर। सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का शुभारंभ किया। इस आधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में अपराध जांच की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी।
अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल की जांच के लिए बिलासपुर पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। अधिकांश वैज्ञानिक परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही किए जा सकेंगे, जिससे जांच रिपोर्ट तेजी से उपलब्ध होगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जांच आज अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इसे रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस प्रयोगशाला से अपराध जांच अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध होगी। इससे पुलिस को जांच में सुविधा मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद Radheshyam Rathiya, राज्यसभा सांसद Devendra Pratap Singh, महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।




