24 साल की मेहनत लाई रंग, बालोद के किसान को सागौन खेती से मिले 9.69 लाख रुपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एग्रोफॉरेस्ट्री यानी कृषि-वानिकी मॉडल को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसी पहल का शानदार उदाहरण बालोद जिले के ग्राम पलारी निवासी किसान अनिल जाजू बने हैं, जिन्हें अपनी निजी जमीन पर तैयार किए गए सागौन वृक्षों के बदले 9.69 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली।
नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने किसान अनिल जाजू को प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा। मंत्री ने कहा कि वृक्ष आधारित खेती किसानों के लिए भविष्य की सुरक्षित आय का मजबूत माध्यम बन रही है और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिली है।
अनिल जाजू ने वर्ष 2001 में अपनी 3.35 हेक्टेयर भूमि पर सागौन के पौधे लगाए थे। करीब 24 वर्षों की देखरेख के बाद वर्ष 2025 में नियमानुसार 173 सागौन वृक्षों की कटाई की गई, जिससे 949 नग लकड़ी प्राप्त हुई। वन विभाग द्वारा निर्धारित दर पर खरीदी कर लगभग 9.69 लाख रुपए सीधे उनके खाते में जमा किए गए।
यह सफलता बताती है कि योजनाबद्ध वृक्षारोपण किसानों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह साबित हो सकता है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण विस्तार और जैव विविधता संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।




