ट्रंप-ईरान सीक्रेट डील से दुनिया में भूचाल! क्या अमेरिका झुक गया?

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम समझौते की खबरों ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच 60 दिनों के सीजफायर एक्सटेंशन पर सहमति बन गई है, लेकिन अंतिम मंजूरी अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देनी बाकी है। इस खबर के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतें तेजी से गिर गईं।
जानकारी के अनुसार समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और समुद्री व्यापार सामान्य करने की बात शामिल है। हालांकि ईरान की सरकारी मीडिया ने साफ किया है कि समझौता अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक ट्रंप प्रशासन पर अमेरिका में बढ़ती पेट्रोल कीमतों और राजनीतिक दबाव का असर भी दिख रहा है। रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता इस संभावित समझौते को 2015 की ईरान डील जैसा मान रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि अमेरिका ईरान के सामने नरम पड़ रहा है।
इस बीच वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलता है तो तेल आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और वैश्विक महंगाई पर दबाव कम होगा। हालांकि कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि समझौते के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।




