सुशासन तिहार में ग्रामीण विकास को मिली नई रफ्तार, जमीनी स्तर पर दिखने लगे परिणाम

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के तहत प्रशासनिक अमला लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने और लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने पर केंद्रित है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में राजस्व, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और जलापूर्ति परियोजनाओं को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों में वर्षों से लंबित मांगों पर कार्रवाई शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और मौके पर ही कई समस्याओं का निपटारा किया जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं बल्कि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। पंचायत स्तर तक अधिकारियों की उपस्थिति से सरकारी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत हुई है। किसानों को खाद-बीज उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं और समर्थन मूल्य संबंधी जानकारी भी दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के जनसंवाद और समाधान शिविर नियमित रूप से जारी रहे तो ग्रामीण प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा। राज्य सरकार आने वाले महीनों में विकास कार्यों की प्रगति की जिला स्तर पर समीक्षा भी करेगी।




