ट्रंप की महाविनाशक मिसाइलों से कांपा तेहरान! अमेरिकी एयरस्ट्राइक में बुशहर एयरपोर्ट तबाह, खाड़ी में महायुद्ध की शुरुआत!

पिछले 24 घंटों में पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर अब तक का सबसे भीषण हमला बोला है। खुफिया रिपोर्टों और ताजा घटनाक्रम के मुताबिक, अमेरिकी बमवर्षक विमानों और क्रूज मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बुशहर एयरपोर्ट को निशाना बनाया है, जो पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। इसके साथ ही ईरान के कई मुख्य रेलवे स्टेशन, हाईवे पुल और संवेदनशील मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वाशिंगटन में एक बेहद गुप्त और बड़ी बैठक हुई है, जिसके तुरंत बाद खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी बमों की यह बारिश शुरू हो गई।
बढ़ता तनाव और जमीनी हकीकत:
इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) में हड़कंप मच गया है। वाशिंगटन की ओर से इस सैन्य कार्रवाई को बेहद आक्रामक रूप से सही ठहराया जा रहा है, जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह हमला ईरान को पूरी तरह घुटनों पर लाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, युद्ध के विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप जिस रफ्तार से ईरान पर मिसाइलें दाग रहे हैं, उससे खुद अमेरिका के भीतर हथियारों के स्टॉक में भारी कमी आने की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। पेंसिल्वेनिया में एक रक्षा सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने खुद हथियार निर्माताओं को ‘और तेजी से हथियार बनाने’ का अल्टीमेटम दिया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह युद्ध आने वाले दिनों में और अधिक वीभत्स रूप अख्तियार करने वाला है।
आने वाले 48 घंटों में ईरान की तरफ से किसी बड़े ‘पलटवार’ की पूरी संभावना है। यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, तो वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच जाएगा। इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों को भी निशाना बना सकते हैं, जिससे यह टकराव तीसरे विश्व युद्ध की आहट में बदल सकता है।




