उज्ज्वला योजना से आसान हुई पुष्पा बाई की रसोई, लकड़ी और सिगड़ी के धुएं से मिली राहत

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में रसोई से जुड़ी कई मुश्किलों को कम किया है। स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलने से खाना पकाने में लगने वाला समय और मेहनत कम हुई है। कोरबा जिले के ग्राम दादर खुर्द की पुष्पा बाई भी उज्ज्वला योजना से लाभान्वित महिलाओं में शामिल हैं। गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनके लिए रोजाना खाना बनाना पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक हो गया है।
पुष्पा बाई बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले उन्हें खाना पकाने के लिए लकड़ी और सिगड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था। भोजन तैयार करने से पहले लकड़ियों की व्यवस्था करना रोजमर्रा की चुनौती थी। बारिश के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती थी, क्योंकि गीली लकड़ियों से सिगड़ी जलाना मुश्किल होता था। इसके चलते खाना बनाने में ज्यादा समय और मेहनत लगती थी।
सिगड़ी पर खाना पकाते समय धुएं के बीच रसोई का काम करना पड़ता था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ खाना बनाने की यह प्रक्रिया उनके लिए अतिरिक्त मेहनत का कारण बनती थी। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनकी यह परेशानी काफी हद तक कम हुई है।
अब जरूरत के मुताबिक गैस का इस्तेमाल कर वह कम समय में भोजन तैयार कर लेती हैं। खासकर बरसात के दौरान गीली लकड़ियों और सिगड़ी जलाने की समस्या से उन्हें राहत मिली है। गैस की सुविधा ने न केवल उनकी रसोई के काम को आसान बनाया है, बल्कि अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी उन्हें अतिरिक्त समय मिलने लगा है।
योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए पुष्पा बाई ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं और बहनों की जरूरतों को समझते हुए उज्ज्वला योजना का लाभ पहुंचाया है। गैस की सुविधा मिलने से उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में काफी सहज हुआ है। उन्होंने महिलाओं के लिए ऐसी उपयोगी योजना उपलब्ध कराने के लिए सरकार का धन्यवाद दिया।




