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जंतर-मंतर मारपीट कांड पर बवाल: ‘कबूलनामे’ के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं? CJP ने थाने में घेरा सिस्टम

Uproar over the Jantar Mantar assault incident: Why no action despite the ‘confession’? CJP confronts the system at the police station.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब दिल्ली में बड़ा विवाद बन गया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में प्रदर्शन कर पुलिस की कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए।

CJP का आरोप है कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत और कथित वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई में देरी हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और CJP प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक चली, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई करने और 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

मामला 23 जून का बताया जा रहा है, जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नीशू आजाद के पिता संजय के साथ कथित रूप से मारपीट हुई थी। विवाद उस समय और भड़क गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ। CJP नेताओं का दावा है कि वीडियो में वह संजय पर हमला करने की बात स्वीकार करता दिखाई देता है। हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने इसे सेल्फ डिफेंस में की गई कार्रवाई बताया है।

इस पूरे मामले पर सौरव दास ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब आरोपी कथित तौर पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहा है, तो फिर कानूनी कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? CJP ने साफ कर दिया है कि अगर तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला और बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद बन सकता है।