पेंटागन का नया खूनी फरमान: अमेरिकी सैनिकों का होगा जबरन हॉरमोन टेस्ट, मेडिकल विशेषज्ञों ने दागे तीखे सवाल!

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने देश के सैनिकों के लिए अनिवार्य ‘टेस्टोस्टेरोन टेस्ट’ कार्यक्रम को फिर से बहाल करने का विवादित फैसला सुनाकर अमेरिकी सेना के भीतर बगावत के सुर छेड़े दिए हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए देश के टॉप मेडिकल एक्सपर्ट्स ने इसे खतरनाक और गैर-जरूरी बताया है। 30 साल से ऊपर के तमाम सैनिकों को अब इस टेस्ट से गुजरना होगा और हॉरमोनल असंतुलन पाए जाने पर जबरन थेरेपी दी जाएगी। डॉक्टरों का साफ कहना है कि बेवजह दी जाने वाली हॉरमोन थेरेपी सैनिकों को बांझ (Infertility) बना सकती है और उनके शरीर को हमेशा के लिए अपाहिज कर सकती है। इसके बावजूद पेंटागन अपनी सैन्य तैयारी के नाम पर सैनिकों के स्वास्थ्य के साथ यह जानलेवा खिलवाड़ करने पर आमादा है। सैनिकों की सेहत के नाम पर पेंटागन द्वारा लादा गया यह सनक भरा फैसला अमेरिकी रक्षा महकमे के इतिहास का सबसे विवादित अध्याय बन चुका है।



