तेलंगाना में ‘फार्महाउस’ पर बुलडोजर का साया! KCR के 388 एकड़ पर SET जांच बैठते ही भड़के KTR, कहा- ‘दम है तो हाईकोर्ट जज से कराओ जांच’

तेलंगाना की राजनीति में प्रतिशोध और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार ने बीआरएस (BRS) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) के एर्रावेल्ली स्थित चर्चित फार्महाउस की जमीन पर 30 दिनों की विशेष जांच टीम (SET) गठित कर दी है। सरकार का आरोप है कि 388 एकड़ असाइन की गई जमीनों में भारी फर्जीवाड़ा कर करोड़ों का घोटाला किया गया है।
इस कार्रवाई के तुरंत बाद बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने रेवंत रेड्डी सरकार को सीधे ललकारा है। 1 लाख करोड़ रुपये की जमीन लूटने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए KTR ने खुली चुनौती दी कि सरकार ‘पालतू अफसरों’ की टीम से जांच कराने का नाटक बंद करे और हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराए। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि अगर कोई भी गड़बड़ी साबित हुई तो वे किसी भी कानूनी परिणाम को भुगतने के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का यह खेल नया नहीं है, लेकिन तेलंगाना में जिस तरह से निजी संपत्तियों को निशाना बनाकर सियासी हिसाब चुकता किया जा रहा है, वह किसी बदले की कार्रवाई से कम नहीं दिखता। सत्ता का यह नंगा नाच राज्य की राजनीति को बेहद खतरनाक मोड़ पर ले जा रहा है।




