सेवा संकल्प अभियान में लापरवाही नहीं चलेगी, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता, बेहतर समन्वय और पुख्ता तैयारी के साथ अभियान की गतिविधियों को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों और प्रस्तावित गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान कार्यक्रम स्थलों के चयन, गतिविधियों की रूपरेखा और उनके क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
बैठक में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानी’, ‘संगीतमय नुक्कड़ नाटक’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ सहित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
कुछ अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी बैठकों में पूरी तैयारी और आवश्यक होमवर्क के साथ उपस्थित हों। उन्होंने ‘सुग्घर छत्तीसगढ़’ और ‘सुशासन तिहार’ के दौरान किए गए कार्यों की तरह ही सेवा संकल्प अभियान में भी समर्पण के साथ काम करने को कहा।
कलेक्टर ने अभियान की सभी गतिविधियों का विस्तृत शेड्यूल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, एसडीएम सुरेश साहू, प्रतिमा ठाकरे झा, प्राची ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



