छत्तीसगढ़

जैविक खाद के उपयोग से अनेश को हो रहा है मुनाफा

फसलों में जैविक खाद के उपयोग करने से फसल उत्पादन में वृद्धि हो रही है। जिले के नगर पंचायत मारो विकासखण्ड नवागढ़ के कृृषक अनेश साहू पिता पुनित साहू ने बताया कि वे विगत्् कई वर्षो से कृृषि कर रहे है। जिसमें वे लगातार रासायनिक उर्वरको का उपयोग कर रहे थे लेकिन इस वर्ष कृृषक द्वारा कृषि विभाग के ग्रा.कृृ.वि.अधिकारी मार्गदर्शन से 0.40 हेक्टेयर में रासायनिक खाद की मात्रा में कमी करते हुये 2 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का भी उपयोग किया गया जिससे की धान की फसल गत्् वर्ष की अपेक्षा अधिक अच्छी है एवं किट व्याधि आदि का प्रकोप नही हुआ है। कृृषक ने बताया कि उनके खेत की मिट्टी गत् वर्ष की अपेक्षा अधिक नरम व उपजाऊ है, जिसका सीधा प्रभाव धान की फसल पर दिख रहा है। किसान ने यह भी बताया की धान की फसल में वे हर वर्ष 5 से 10 किलो जिंक सल्फेट डालते थे लेकिन इस वर्ष जिंक सल्फेट का उपयोग नही किया गया है। केवल वर्मी कम्पोस्ट खाद के उपयोग से ही फसल की जिंक व अन्य माइक्रोन्यूट्रियन्ट की कमी पुरी हो गई है। जिससे फसल अधिक हरी-भरी व अधिक कंसे लिये हुये है। कृृषक द्वारा मेडो पर अरहर लगाकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त किया जा रहा है। कृृषक ने अपने आस-पास के कृृषको को भी वर्मी-कम्पोस्ट खाद उपयोग करने की सलाह दी एवं आगामी वर्षो के लिए अपने संपूर्ण खेतो में वर्मी-कम्पोस्ट खाद का उपयोग करने की रूचि जताई है।

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