बाइडन-ट्रंप नीति फेल! होर्मुज की खाड़ी में टकराए महाबली: अमेरिका ने ईरान पर दागे गोले, तेहरान का पलटवार- ‘मिटा देंगे वजूद’

मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर विनाशकारी महायुद्ध की गवाह बन रही है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष विराम (Ceasefire) पूरी तरह जमींदोज हो चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिका ने रविवार (12 जुलाई 2026) को ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क़ेशम द्वीप (Qeshm Island) और बंदर अब्बास (Bandar Abbas) स्थित सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाई हैं। यह अमेरिकी हमला उस वक्त हुआ जब ईरान ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में एक और वाणिज्यिक जहाज (Commercial Vessel) को निशाना बनाया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि ईरान के साथ सीजफायर अब इतिहास की बात हो चुकी है और वाशिंगटन तेहरान को उसकी ‘गुंडागर्दी’ की भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर देगा।
जवाब में ईरान ने भी घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया है।
ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल अलर्ट जारी करना पड़ा। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमलों का ऐसा करारा जवाब दिया जाएगा जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव इसी आक्रामक गति से आगे बढ़ा, तो खाड़ी देश पूरी तरह इस युद्ध की आग में स्वाहा हो जाएंगे।
अमेरिका जहां अपनी नौसैनिक शक्ति के दम पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने पर अड़ा है, वहीं ईरान इस वैश्विक ऊर्जा गलियारे पर अपना पूर्ण नियंत्रण थोप रहा है। संभावनाएं बताती हैं कि यह टकराव अगले कुछ दिनों में पूर्ण परमाणु युद्ध या वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह बन सकता है क्योंकि दुनिया का एक-तिहाई तेल इसी रास्ते से गुजरता है।




