‘धमाल 4’ की अंधाधुंध कमाई के पीछे का सच: बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश या बॉलीवुड का कंटेंट दिवालियापन?

अजय देवगन और इंद्र कुमार की एडवेंचर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही तहलका मचा दिया है। 13 जुलाई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 65 करोड़ और दुनिया भर में 92 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। मेकर्स और पीआर टीमें इस आंकड़े को लेकर ऐसे नाच रही हैं जैसे उन्होंने सिनेमा के इतिहास की ‘शोले’ या ‘मुगल-ए-आजम’ बना दी हो। लेकिन इस छप्परफाड़ कमाई के पीछे बॉलीवुड का वह कड़वा और नंगा सच छिपा है, जिससे हर कोई नजरें चुरा रहा है—और वह सच है कंटेंट का पूरी तरह दिवालिया हो जाना।
क्या भारतीय दर्शक इतने मजबूर हो चुके हैं कि उन्हें हंसाने के लिए आज भी मेकर्स को वही घिसे-पिटे डबल मीनिंग जोक्स, लाउड कॉमेडी और बिना सिर-पैर की कहानियों का सहारा लेना पड़ रहा है? ‘वेलकम टू द जंगल’ की हालिया सफलता और अब ‘धमाल 4’ की यह कमाई इस बात का प्रमाण है कि बॉलीवुड अब कोई नया रिस्क लेने की हैसियत में नहीं रहा। वे बस पुरानी सफल फ्रेंचाइजी का नाम भुनाकर दर्शकों की जेब काटने का धंधा कर रहे हैं।
अजय देवगन जैसे गंभीर और नेशनल अवार्ड विजेता अभिनेता जब ऐसी फिल्मों में केवल लाउड एक्सप्रेशन देते नजर आते हैं, तो सिनेमा प्रेमियों का दिल टूट जाता है। सोशल मीडिया पर भले ही फिल्म की पीआर टीमें इसे ‘साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर’ घोषित करने में लगी हों, लेकिन हकीकत यह है कि थिएटर से निकलने वाला समझदार दर्शक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। बॉलीवुड का यह फॉर्मूला (बिना दिमाग वाली कॉमेडी) कुछ समय के लिए तो पैसे कमा कर दे सकता है, लेकिन यह सिनेमा के स्तर को गर्त में ले जा रहा है। करोड़ों की कमाई के जश्न के बीच बॉलीवुड को यह सोचना होगा कि वे दर्शकों को मनोरंजन परोस रहे हैं या सिर्फ उनका मानसिक शोषण कर रहे हैं।



