24 घंटे में 5 देशों पर बरसे बम! अमेरिकी साम्राज्य को ईरान की सीधी चुनौती, खाड़ी देशों में खौफ का माहौल

पिछले 24 घंटे इस बात का सबूत हैं कि पश्चिम एशिया अब एक ऐसे अंतहीन युद्ध की गर्त में गिर चुका है जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर क्षेत्र के 5 से अधिक देशों (ईरान, इराक, कुवैत, बहरीन और यमन) में भारी बमबारी और मिसाइल हमले दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के तटीय शहरों और बंदरगाहों पर चौतरफा हवाई हमले किए हैं, तो वहीं ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक और सीरिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को आत्मघाती ड्रोनों से पाट दिया है। यह युद्ध अब किसी समझौते की दहलीज से मीलों दूर निकल चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक हफ्ते में ईरान की सत्ता पलट देने का जो दंभ भरा था, वह पूरी तरह चकनाचूर हो चुका है। ईरान झुकने के बजाय और आक्रामक होकर अमेरिकी सेना को एक ऐसी लंबी और थकाऊ लड़ाई में घसीट चुका है, जिससे बाहर निकलना वाशिंगटन के लिए मुमकिन नहीं लग रहा। संभावनाएं बताती हैं कि ईरान इस युद्ध को जानबूझकर लंबा खींच रहा है ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह निचोड़ा जा सके। इसका सीधा फायदा भारत को मिल रहा है, क्योंकि अमेरिका का पूरा ध्यान और सैन्य संसाधन अब खाड़ी में फंस चुके हैं, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में चीन के खिलाफ भारत की स्थिति बेहद मजबूत हो गई है और अमेरिका को न चाहते हुए भी भारत की हर शर्त माननी पड़ रही है।




