जेल में फंदा या मौत का इंजेक्शन? अमेरिका की वो सनसनीखेज महिला क्रिमिनल, जिसकी फ्लॉप फांसी बनी अंतरराष्ट्रीय बवाल!

दुनियाभर में न्याय का ढिंढोरा पीटने वाले अमेरिका से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने अमेरिका के कानूनी और न्यायिक ढांचे की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। अमेरिका की चर्चित डेथ रो कैदी क्रिस्टा पाइक (Christa Pike) की फांसी की सजा का क्रियान्वयन इतना वीभत्स और नाकाम साबित हुआ कि वह मरते-मरते बची और अब वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।
टेनेसी की जेल में बंद क्रिस्टा पाइक को जानलेवा इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुलाया जाना था। लेकिन जहरीला केमिकल देने की प्रक्रिया में ऐसी भयावह तकनीकी और चिकित्सीय चूक हुई कि पाइक घंटों तड़पती रही। अंत में जब फांसी की प्रक्रिया रोकी गई, तब तक वह बेहोश हो चुकी थी और उसके फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था। अब उसे आनन-फानन में अस्पताल के वेंटिलेटर पर रखा गया है।
इस घटना के बाद अमेरिका के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों में तूफान खड़ा हो गया है। दुनिया पूछ रही है कि क्या यही अमेरिका का ‘ह्यूमन राइट्स’ मॉडल है? जो देश भारत और अन्य एशियाई देशों की न्यायिक प्रणालियों पर उंगली उठाते हैं, उनके अपने सिस्टम में इस तरह की अमानवीय बर्बरता और घोर नाकामी सार्वजनिक हो रही है।
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