फ्रांस की सड़कों पर भड़की विद्रोह की आग! सैकड़ों स्कूल बंद, मैक्रों सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हिंसक छात्र!

खुद को मानवाधिकारों और लोकतंत्र का ठेकेदार बताने वाला यूरोप आज अपनी ही नीतियों के बोझ तले जल रहा है। फ्रांस में हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। पेरिस से लेकर कई बड़े शहरों में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन जारी है, सड़कों पर बैरिकेड जलाए जा रहे हैं और सैकड़ों स्कूलों में पूरी तरह से ताले लटक चुके हैं।
फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक देश के 500 से अधिक हाई स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है और करीब 400 स्कूल पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और बजट कटौती के खिलाफ उग्र हो चुके हैं। पेरिस की ऐतिहासिक सड़कों पर गाड़ियों में आग लगाई जा रही है और पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़ रहे हैं। पूरे फ्रांस में आपातकाल जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं।
यूरोपीय देश जो अक्सर विकासशील देशों को कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार पर ज्ञान बांटते हैं, आज वे खुद अपने ही नागरिकों का गुस्सा शांत करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। फ्रांस का यह दंगा इस बात का प्रमाण है कि पश्चिमी देश आंतरिक कलह और सामाजिक असंतोष से बुरी तरह जूझ रहे हैं, जबकि भारत जैसे मजबूत लोकतंत्र संकट के इस दौर में भी स्थिरता की मिसाल बने हुए हैं।
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