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तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक के खिलाफ 10 करोड़ के घोटाले की शिकायत

रायपुर- तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक के खिलाफ उपकरण खरीदी में 10 करोड़ रुपए घोटाले की शिकायत स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक से की गई है. यह शिकायत शंकर नगर रायपुर निवासी विनोद दुबे ने की है. दुबे ने शिकायती पत्र में कहा है कि वर्ष 2019-2020 के मांगपत्र में अपने कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक शिखा राजपूत तिवारी द्वारा तीन बार मांगपत्र को परिवर्तन किया गया.

जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य संचालक का तबादला 13 जुलाई को हो गया था. लेकिन तबादला होने के बाद भी 16 जुलाई को लगभग 40 करोड़ का मांगपत्र भेजा गया. कुछ कंपनियों का दर अनुबंध होने के बाद भी दुर्भावनापूर्ण नया दर अनुबंध करने का निर्देश दिया गया, ताकि उनके चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा सके.

उपकरण– आई.वि. स्टैंड, डीएचएस के दर अनुबंध के अनुसार 1641 में उपलब्ध था. इस दर से केवल 70 pcs. का ही मांग छत्तीसगढ़ मेडिकल कारपोरेशन को भेजा गया. शेष 4660 pcs. आई.वि. स्टैंड को अधिक दर में आयुष के दर अनुबंध से 4128 रुपया में क्रय करने का मांगपत्र भेजा गया. जबकि छत्तीसगढ़ मेडिकल कारपोरेशन में ही एच्एस का 1641 का दर उपलब्ध था.

कन्ज्यूमेबल आइटम का वर्ष 2019-2020 में कोई मांगपत्र नहीं भेजा गया. कन्ज्यूमेबल में बजट कम होने के कारण कन्ज्यूमेबल आइटम STERIGEN-C ELECTROLYTE  को उपकरण के मांगपत्र में शामिल कर लगभग दस करोड़ का घोटाला किया गया है. विनोद दुुबे ने मांग की है कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जाए.

बता दें कि पिछले दिनों तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक शिखा राजपूत तिवारी का तबादला कर बेमेतरा कलेक्टर बना दिया गया है. तबादला के साथ ही उसके कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों की जांच की जा रही हैं. इसके अलावा दो संविदा कर्मियों की सेवा बढ़ाने में अलग-अलग मापदंड अपनाने के मामले पर भी जांच चल रही है

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