UN में भारत ने पाकिस्तान पर कसा शिकंजा! आतंकियों को बचाने वालों को दो टूक चेतावनी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादियों की सूची बनाने और उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल आतंकवादियों को वैधता देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। भारत ने आतंकियों और आतंकवादी संगठनों की सूची बनाने तथा सूची से हटाने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी मिशन की प्रभारी राजदूत योजना पटेल ने सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध व्यवस्था में पारदर्शिता और वस्तुनिष्ठता की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने कहा कि आतंकवाद के मामलों में राजनीतिक हितों के आधार पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
भारत का यह रुख पाकिस्तान के संदर्भ में खास महत्व रखता है। भारत लंबे समय से आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। ताजा बयान में भारत ने सीधे किसी देश का नाम लिए बिना सुरक्षा परिषद के भीतर आतंकवाद से जुड़े मामलों को राजनीतिक तरीके से प्रभावित किए जाने का विरोध किया।
भारत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा परिषद की व्यवस्था का इस्तेमाल आतंकवादियों को राहत देने या उन्हें प्रतिबंधों से बाहर निकालने के लिए नहीं होना चाहिए। नई दिल्ली का जोर इस बात पर है कि आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और नियम आधारित हो।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची 18 अगस्त 2026 को अपडेट की गई थी। भारत की ताजा आपत्ति ऐसे समय में आई है जब आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ वैश्विक प्रतिबंध व्यवस्था को लेकर बहस जारी है।
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