देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

1947 से 4 साल पहले ही बन गई थी भारत की पहली अपनी सरकार! नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ‘आज़ाद हिंद’ का वो ऐतिहासिक मास्टरस्ट्रोक!

(Fourth Eye News): “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा!” के ओजस्वी उद्घोष से पूरे देश के युवाओं के रक्त में देशभक्ति का उबाल लाने वाले महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व अद्वितीय था। आम तौर पर माना जाता है कि भारत को पहली सरकार 15 अगस्त 1947 को मिली, लेकिन इतिहास का यह जगमगाता सच आपको गर्व से भर देगा कि नेताजी ने 15 अगस्त 1947 से लगभग 4 साल पहले ही अखंड भारत की पहली स्वतंत्र सरकार का गठन कर दिया था!

21 अक्टूबर 1943: ‘आरज़ी हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद’ की स्थापना

21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर के कैथे सिनेमा हॉल में नेताजी बोस ने ‘आरज़ी हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद’ (अस्थायी स्वतंत्र भारत सरकार) की ऐतिहासिक घोषणा की थी। यह कोई काल्पनिक सरकार नहीं थी, बल्कि इस सरकार के पास अपनी अनुशासित सेना (‘आज़ाद हिंद फ़ौज’), अपना बैंक (‘आज़ाद हिंद बैंक’), अपनी डाक टिकट, अपनी मुद्रा और अपना राष्ट्रगान था।

9 महाशक्तियों ने दी थी भारत की इस सरकार को मान्यता

नेताजी के इस कूटनीतिक और सैन्य मास्टरस्ट्रोक का लोहा पूरी दुनिया ने माना। जर्मनी, जापान, इटली, म्यांमार और फिलीपींस समेत दुनिया के 9 संप्रभु राष्ट्रों ने इस आज़ाद हिंद सरकार को आधिकारिक राजनयिक मान्यता प्रदान की थी। नेताजी ने अंडमान और निकोबार द्वीपों को अंग्रेजों से मुक्त कराकर उनका नाम ‘शहीद’ और ‘स्वराज’ द्वीप रखा था। नेताजी का यह कदम भारतीय स्वाभिमान और सैन्य शौर्य का सर्वोच्च शिखर है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button