रायपुर में MSME कॉन्क्लेव 2.0 का आगाज, उद्योगों के विकास पर सरकार और कारोबारियों का मंथन

राजधानी रायपुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के दो दिवसीय MSME कॉन्क्लेव 2.0 का आगाज हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। इस बार कॉन्क्लेव की थीम “नवाचार एवं सतत औद्योगिक विकास द्वारा MSME का सशक्तिकरण” रखी गई है।
कॉन्क्लेव के पहले दिन 250 से अधिक उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वित्तीय सहायता, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आर्थिक विकास में छोटे उद्योगों, कारखानों और कार्यशालाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि MSME के विकास के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, सुगम सड़क संपर्क और त्वरित स्वीकृतियां जरूरी हैं। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति के केंद्र में MSME है। सरकार का प्रयास है कि बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों के उद्यमियों को उद्योग स्थापना और संचालन से जुड़ी सुविधाएं आसानी से और तेजी से मिलें।
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्रों में तैयार भूमि और प्लग-एंड-प्ले अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। इससे छोटी औद्योगिक इकाइयों को जल्द उत्पादन शुरू करने में मदद मिलने की बात कही गई।
कॉन्क्लेव में MSME के लिए वित्त पोषण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी विशेष चर्चा हुई। भारत सरकार के MSME मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनम्र मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक 7.3 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीयन हो चुके हैं और क्रेडिट गारंटी योजना में एक करोड़ गारंटी का आंकड़ा पार किया जा चुका है।
कार्यक्रम में AI Advantage और SME से बड़े कॉर्पोरेट तक की यात्रा जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ। दूसरे दिन MSME पेशेवरों के क्षमता निर्माण, Total Productive Maintenance और Kaizen with AI जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।



