इंडिगो का किराया बढ़ा: एयरलाइन के मनमाने फैसलों पर क्यों न लगे लगाम?

घरेलू हवाई यात्रियों को 6 अक्टूबर की दोपहर बड़ा झटका लगा जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इस फैसले के बाद एयरलाइन किराए में 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।
इंडिगो ने एविशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देकर इस बोझ को सीधे आम यात्रियों की जेब पर डाल दिया है। त्योहारों के इस सीजन में जब करोड़ों लोग यात्रा की तैयारी में हैं, एयरलाइन कंपनियों की यह मनमानी सीधे तौर पर यात्रियों का शोषण मानी जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नियामक संस्थाओं को ऐसे फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए ताकि निजी एयरलाइंस ईंधन दरों की आड़ में मनमाना मुनाफा न वसूल सकें। भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ बनाए रखने और आम यात्रियों को जेब तराशी से बचाने के लिए सख्त नियामक नीति की अत्यंत आवश्यकता है।
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