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‘पुल उड़ाने में एक घंटा लगेगा!’ ट्रंप की सीधी धमकी से कांपा तेहरान, जनाजे के बीच वाशिंगटन ने दिया ‘आत्मसमर्पण या तबाही’ का अल्टीमेटम

The bankruptcy of a superpower! The US lost $50 billion and its global credibility in the devastating 'Operation Epic Fury'; its military might has been exposed as a hollow bluff!

बीते 24 घंटों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे के लिए पवित्र शहर कौम (Qom) में मातम मना रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से ऐसी दहाड़ लगाई है जिसने युद्धविराम की धज्जियां उड़ा दी हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कल (सोमवार) साफ शब्दों में कहा, “या तो ईरान डील साइन करे, या हम उनका काम तमाम (Finish the Job) कर देंगे।”

ट्रंप का लहजा बेहद आक्रामक और अपमानजनक था। उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “उनके पुलों को गिराने में हमें सिर्फ एक घंटा लगेगा। उनकी ऊर्जा सप्लाई को हम चुटकियों में खत्म कर सकते हैं। उनके पास अब फूटी कौड़ी नहीं बची है।” यह बयान तब आया है जब दोहा में चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के टूट गई है। उधर, तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगा रही है।

Al Jazeera के अनुसार, ईरान के नए नेतृत्व ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा है कि अगर धमकियां नहीं रुकीं, तो परमाणु कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ‘शांति’ नहीं, बल्कि एक नए और ज्यादा विनाशकारी युद्ध का सायरन है।