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लाल सागर में भीषण विस्फोट! ईरान समर्थित हूतियों ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी तेल टैंकर पर हमला कर मचाया कोहराम

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर और बाबल-अल-मंदब जलडमरूमध्य में फिर से बारूदी कोहराम मचा दिया है। हूती समूह ने मंगलवार (28 जुलाई) को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के एक बड़े कच्चे तेल के टैंकर को निशाना बनाते हुए कई घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी (Yahya Saree) ने खुलेआम चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उन्होंने सऊदी अरब द्वारा उनके समुद्री क्षेत्र पर लागू की गई नाकेबंदी के जवाब में इस तेल टैंकर को निशाना बनाया और उसे जबरन अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया।

इसके साथ ही, हूतियों ने सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से को लाल सागर के यानबू (Yanbu) शहर से जोड़ने वाली सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की महत्वपूर्ण कच्चे तेल की पाइपलाइन और रिफाइनरी अवसंरचना पर भी ड्रोन व मिसाइल हमले करने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के बाद सऊदी अरामको को अपनी जाजान (Jazan) तेल रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को एहतियातन बंद करना पड़ा है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के विदेश मंत्री ने इस हमले की तीव्र निंदा करते हुए कहा है कि हूती विद्रोही सीधे तौर पर ईरान के इशारे पर काम कर रहे हैं और वे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की ही तरह बाबल-अल-मंदब क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर अपना अवैध नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं।

हूतियों के इस दुस्साहसिक कदम के बाद लाल सागर में अमेरिकी युद्धपोतों ने अपनी गश्त बढ़ा दी है और हूती लॉन्च पैड्स पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। लाल सागर में कमर्शियल जहाजों पर हुए इस हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री बीमा प्रीमियम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिकी सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वह हूतियों के इन आतंकवादी कृत्यों का कठोरता से जवाब दे रही है और वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। लाल सागर और फारस की खाड़ी में एक साथ भड़के इस बारूदी संकट ने पूरे पश्चिम एशिया को महायुद्ध की ज्वाला में धकेल दिया है।

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