सुकमा में प्रकृति का कहर: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 18 वर्षीय युवक की मौत, 4 गंभीर रूप से झुलसे

सुकमा/रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। 29 जून 2026 की दोपहर अचानक बदले मौसम के बाद सुकमा के ग्रामीण इलाके में जोरदार गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning Strike) गिरी। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से एक 18 वर्षीय आदिवासी युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्रामीण अपने खेतों के पास काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम खराब हुआ और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बचने के लिए उन्होंने पास के एक पेड़ का सहारा लिया, जो अक्सर आकाशीय बिजली के दौरान जानलेवा साबित होता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की शुरुआती दस्तक के समय बस्तर संभाग में ‘थंडरस्टॉर्म’ (Gales with Lightning) की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं।
इस घटना के बाद सुकमा कलेक्टर ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक के परिवार के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी 6-4) के तहत ₹4 लाख की तात्कालिक मुआवजा राशि की घोषणा की है। साथ ही घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग (IMD Raipur) ने अगले 48 घंटों के लिए बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित कई जिलों में भारी वज्रपात का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और ग्रामीणों से अपील की है कि वे खराब मौसम में पेड़ों या खुले मैदानों में जाने से बचें।




