युद्ध का ‘स्टैंड डाउन’: ईरान के कड़े रुख के सामने झुका अमेरिका, हमले रोकने की लाचारी!

मिसाइलों की बौछार और ड्रोन हमलों के बाद, आज 30 जून को अमेरिका को ईरान के साथ ‘स्टैंड डाउन’ (हमले रोकने) के समझौते पर मजबूर होना पड़ा है। भले ही राष्ट्रपति ट्रंप सोशल मीडिया पर दहाड़ रहे हों, लेकिन हकीकत यह है कि अमेरिका ने अपनी तमाम ‘काइनेटिक एक्टिविटी’ यानी सैन्य हमलों को रोकने की पुष्टि कर दी है। ईरान ने भी दो-टूक कह दिया है कि अगर अमेरिकी पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहता है, तभी वह अपनी ओर से शांति रखेगा।
ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह ट्रंप प्रशासन को तब तक किसी भी समझौते का लाभ नहीं लेने देगा, जब तक अमेरिका अपनी पिछली सभी गल्तियों को नहीं सुधारता। यह समझौता असल में अमेरिकी सैन्य शक्ति की उस सीमा को दर्शाता है, जहाँ वह ईरान जैसे देश को दबाने में नाकाम रहा है। अब सारा मामला दोहा की तकनीकी वार्ताओं पर टिका है, जहाँ ईरान अपनी शर्तों पर बातचीत को आगे बढ़ा रहा है।



