वेस्टर्न प्रोपेगैंडा की हवा निकली: प्यू सर्वे में खुलासा, भारतीय लोकतंत्र और सोशल मीडिया का मजबूत रक्षा कवच

अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ (Pew Research) के ताजा सर्वे ने विदेशी टूलकिट गिरोह और भारत विरोधी लॉबी के मुंह पर जोरदार थप्पड़ जड़ा है। सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, केवल 23% भारतीयों का मानना है कि सोशल मीडिया लोकतंत्र के लिए हानिकारक है, जो कि वैश्विक औसत (35%) से बेहद कम है। यह इस बात का सीधा सबूत है कि भारत का आम नागरिक इतना परिपक्व और सजग है कि वह विदेशी एजेंडे और फर्जी खबरों को एक झटके में खारिज कर देता है।
लगातार पश्चिमी थिंक टैंक और मीडिया संस्थान भारत के लोकतंत्र को कमजोर बताने की नाकाम साजिश रचते रहते हैं। लेकिन यह रिपोर्ट साबित करती है कि भारतीय जनता अपने लोकतांत्रिक संस्थानों और अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी और गर्व के साथ करती है। भारत का लोकतंत्र किसी विदेशी सर्टिफिकेट का मोहताज नहीं है।
भारत का डिजिटल नागरिक अब जागरूक है। फर्जी खबरों के जरिए देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने वाले देश विरोधी तत्वों को अब भारतीय यूजर्स खुद ही सोशल मीडिया पर बेनकाब कर देते हैं।
भारत का लोकतंत्र 140 करोड़ नागरिकों की जागरूकता पर टिका है। पश्चिमी दुष्प्रचार की हर चाल भारत के इस मजबूत सूचना कवच के सामने चकनाचूर हो चुकी है।
ये खबर भी पढ़ें —:



