फारस की खाड़ी में जारी भीषण नौसैनिक तनाव के बीच आज तड़के स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में एक क्रूड ऑयल टैंकर एमटी काज़िमा III (MT Kazimah III) पर अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला कर दिया गया। चारों तरफ जलते तेल की लपटें और धुएं का गुबार फैल गया। पूरे मिडिल ईस्ट में तीसरे विश्व युद्ध जैसी आहट महसूस होने लगी है, लेकिन भारत ने अपनी कूटनीतिक और समुद्री ताकत का लोहा मनवाते हुए यह दिखा दिया कि अपने नागरिकों की रक्षा के लिए वह किस हद तक जा सकता है।
हमले के तुरंत बाद भारतीय दूतावास और भारतीय नौसेना के निगरानी तंत्र ने युद्धस्तर पर ऑपरेशन चलाकर जहाज पर मौजूद सभी 5 भारतीय क्रू मेंबर्स को सकुशल रेस्क्यू कर लिया। वैश्विक व्यापार मार्ग पर जारी इस बारूदी खेल में जहाजों पर हमले तो हो रहे हैं, मगर भारतीय नौसेना और रक्षा कूटनीति के त्वरित एक्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय नागरिकों पर उठने वाली हर बुरी नजर का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
खाड़ी के देशों में भारतीय हितों को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्त्वों और चरमपंथियों को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठता। भारतीय सेफगार्ड सिस्टम की गूंज आज पूरे अरब सागर और फारस की खाड़ी में सुनाई दे रही है।
भारत का यह त्वरित कदम यह साबित करता है कि आज का भारत वैश्विक समुद्रों में सिर्फ एक सहभागी नहीं, बल्कि अपने लोगों का सबसे बड़ा और अभेद्य सुरक्षा कवच है।
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