दिन दहाड़े कैपिटल होम्स में चाकूबाजी, करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस को कोई जानकारी ही नहीं, टीआई नहीं उठाते फोन, सड्डू इलाके में थाना खोलने की मांग

राजधानी रायपुर में एक बार फिर चाकूबाजी की घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड्डू इलाके के कैपिटल होम्स में एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उसके सीने, हाथ, कलाई और पेट पर चाकू से वार किए गए। घायल युवक शंकरनगर के गांधीनगर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है, जो फिलहाल एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बताया जा रहा है कि यह विवाद स्कूटी गिरवी रखने के पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ। युवक अपने दोस्तों के साथ स्कूटी गिरवी रखने गया था, तभी उस पर हमला कर दिया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली कठघरे में हैं ।

सबसे बड़ा सवाल ये है कि पुलिस की खुद की एफआईआर में घटना शाम करीब पौने छह बजे की दर्ज है, लेकिन वो खुद 7 बजकर बीस मिनट तक घटनास्थल पर पहुंची, जब फोर्थ आई न्यूज ने देरी का कारण पूछा, तो पुलिसकर्मी का जवाब था—“जब सूचना मिलेगी तभी आएंगे।” और हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पहुंचने के बाद भी पुलिस को आरोपी और घायल के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी । कुल मिलाकर सड्डू इलाके में पुलिस के मुखबिर और खुफिया तंत्र निष्क्रिय हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे हैं ।
परिजनों का दर्द और आरोप
घायल युवक के परिजनों ने जो कहानी बताई, वह और भी चौंकाने वाली है। परिजनों के अनुसार, युवक के पास करीब 22,500 रुपए थे और वह दोस्तों के साथ स्कूटी गिरवी रखने गया था। कुछ ही देर बाद फोन आया कि उसे चाकू मार दिया गया है। परिजनों का कहना है कि जब वे थाने पहुंचे तो उनकी सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस ने साफ कह दिया—“आपका FIR नहीं होगा।” इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी (TI) ने उनसे बदसलूकी की और महिलाओं के साथ गाली-गलौज तक की। इधर पुलिस का कहना था कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है ।
विधानसभा थाना क्षेत्र के टीआई को लेकर अक्सर आरोप लगते हैं, कि वे फोन तक नहीं उठाते, जिससे समय पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है ।
लगातार घटना के बाद पुलिस के देर से आने के चलते स्थानीय लोग अब सड्डू इलाके में थाना खोलने की मांग कर रहे हैं जिससे वक्त रहते पुलिस पहुंच सके, क्योंकि घनी आबादी वाले सड्डू इलाके का थाना विधानसभा लगता है, जो करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर है, इसकी वजह वारदातें आए दिन हो रही हैं ।



