अमेरिका-ईरान युद्ध में बड़ा मोड़! ट्रंप की धमकी के बाद तेहरान से गुप्त वार्ता

पहले ‘ईरान को तबाह करने’ की गीदड़भभकी और फिर गुपचुप तरीके से उनके मंत्रियों से टेबल पर बातचीत—अमेरिका की इस दोहरी चाल ने मिडिल ईस्ट के युद्ध में नया मोड़ ला दिया है। यूएन महासभा के इतर अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब इस युद्ध से पीछे हटने के रास्ते तलाश रहा है।
ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी हटाता है और उनकी जब्त संपत्तियों को मुक्त करता है, तभी होर्मुज की खाड़ी को वैश्विक जहाजों के लिए फिर से खोला जाएगा। मिडिल ईस्ट में फैले तनाव और वैश्विक तेल की कीमतों में आए भूचाल के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जो मार पड़ रही है, उसी का नतीजा है कि ‘अभिमान’ से भरे ट्रंप प्रशासन को अब ईरान की शर्तों पर बातचीत की मेज पर आना पड़ा है।
दुनिया समझ चुकी है कि अमेरिका केवल बयानबाजी तक सीमित रह गया है। धमकियां देने के बावजूद धरातल पर उसकी सैन्य रणनीति ईरान के सख्त रुख के आगे बेअसर साबित हो रही है, जिससे वैश्विक बाजार में अमेरिका की साख पर गहरा बट्टा लगा है।
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