गेहूं उत्पादन पर संकट बारिश और ओलावृष्टि ने बिगाड़ी सरकार की रिकॉर्ड फसल की कहानी

भारत में 2026 का गेहूं उत्पादन पिछले साल से अधिक रहने का अनुमान है, लेकिन यह पहले लगाए गए रिकॉर्ड अनुमान से कम रह सकता है। इसकी बड़ी वजह असमय बारिश और ओलावृष्टि को बताया जा रहा है, जिसने फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों को प्रभावित किया है।
सरकार ने इस साल 120.21 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान लगाया है, लेकिन उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि वास्तविक उत्पादन 113.5 से 114 मिलियन टन के बीच रह सकता है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले अधिक है, लेकिन पहले के अनुमान से कम है।
फरवरी के अंत में आई हीटवेव और उसके बाद ओलावृष्टि ने खासकर उत्तरी भारत में फसल को नुकसान पहुंचाया। हालांकि हाल की बारिश ने कुछ हद तक गर्मी के प्रभाव को कम किया है और कुल उत्पादन को संभालने में मदद की है।
खेती का क्षेत्रफल भी इस साल बढ़ा है, जिससे उत्पादन में सुधार की उम्मीद बनी हुई है। इसके बावजूद गुणवत्ता से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं, जो बाजार और निर्यात पर असर डाल सकती हैं।




