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नेफेड बोर्ड बैठक में छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में रखे गए अहम सुझाव

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) के निदेशक मंडल की बैठक असम के Guwahati में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ मार्कफेड के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने भाग लेते हुए राज्य के किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।

उन्होंने छत्तीसगढ़ में मक्का खरीदी, मिलेट्स को बढ़ावा देने, जैविक गुड़ के विपणन तथा लघु वनोपजों की खरीद को लेकर नेफेड से ठोस पहल करने का आग्रह किया। साथ ही एफपीओ और सदस्य समितियों के माध्यम से बीज एवं बायोफर्टिलाइजर के उत्पादन और वितरण का सुझाव भी दिया।

बैठक में यह भी बताया गया कि पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चना और गुड़ की आपूर्ति नेफेड द्वारा की जाती थी। इस व्यवस्था को दोबारा शुरू करने से नेफेड को व्यवसायिक लाभ और किसानों को बेहतर बाजार मिल सकता है।

द्विवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खरीफ और रबी दोनों मौसमों में बड़े पैमाने पर मक्का उत्पादन होता है, लेकिन इसकी खरीदी नेफेड द्वारा नहीं की जा रही है। इसके अलावा कोदो, कुटकी, रागी और जशपुर में उत्पादित नाइजर सीड (रामतिल) की खरीदी से किसानों को उचित मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने कबीरधाम (कवर्धा) क्षेत्र में तैयार किए जा रहे जैविक गुड़ के लिए बाजार उपलब्ध कराने तथा आईसीडीएस और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं में नेफेड उत्पादों की आपूर्ति का सुझाव दिया।

रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर, कोंडागांव, बीजापुर, अंबिकापुर, रामानुजगंज और गरियाबंद में नेफेड बाजार खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।

बस्तर संभाग में हर्रा, बहेरा, आंवला, इमली, शहद, अश्वगंधा और महुआ जैसी लघु वनोपजों की खरीदी से आदिवासी समुदाय को बेहतर आय और नेफेड को अतिरिक्त कारोबार मिल सकता है।

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