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रुपये पर दबाव, RBI की परीक्षा: क्या 100 के पार जाएगा डॉलर?

Rupee under pressure, RBI's test: Will it cross 100 to the dollar?

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 2 जून 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार दबाव में है और बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि हालात नहीं संभले तो डॉलर 100 रुपये के स्तर के करीब पहुंच सकता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक अनिश्चितता ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने अब केवल मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की चुनौती नहीं है, बल्कि निवेशकों का भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है। इसी सप्ताह होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर देश-विदेश के निवेशकों की नजर टिकी हुई है। बाजार उम्मीद कर रहा है कि RBI कुछ बड़े कदम उठा सकता है।

रुपये में कमजोरी का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ता है। आयातित वस्तुएं महंगी हो जाती हैं, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ता है और उद्योगों की लागत बढ़ जाती है। यदि डॉलर और मजबूत हुआ तो महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।

हालांकि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक हस्तक्षेप करेगा। लेकिन निवेशकों का एक वर्ग चाहता है कि RBI केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे बल्कि ठोस कदमों की घोषणा करे। 2013 में तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन ने इसी तरह के संकट में कई साहसिक फैसले लेकर बाजार को स्थिर किया था।

इस बीच मौसम विभाग की कमजोर मानसून की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी है। यदि बारिश सामान्य से कम रही तो खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई और तेज होगी।