रीमेक और पब्लिसिटी स्टंट के भरोसे बॉलीवुड? ‘आवारापन 2’ के ऐलान के बीच इंडस्ट्री के ढर्रे पर उठे कड़े सवाल!

बॉलीवुड सिनेमा आज एक बार फिर अपनी पुरानी आदतों और लकीर के फकीर बनने के रवैये को लेकर सवालों के घेरे में है। 06 अगस्त 2026 को इमरान हाशमी और विशेष भट्ट अपनी बहुचर्चित फिल्म ‘आवारापन 2’ का आधिकारिक ट्रेलर जारी कर रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या बॉलीवुड के पास अब नए और मौलिक विचारों का पूरी तरह अकाल पड़ चुका है? सालों पुरानी हिट फिल्मों की फ्रेंचाइजी और सीक्वल भुनाकर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की यह आक्रामक होड़ अब प्रशंसकों को भी खलने लगी है।
दूसरी तरफ, सई मांजरेकर इटली की हसीन वादियों में एक नए रोमांटिक ड्रामा की शूटिंग शुरू कर चुकी हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ इटली और यूरोप की खूबसूरत लोकेशंस दिखा देने भर से फिल्में हिट हो जाएंगी? अगर पटकथा में दम नहीं होगा, तो कितना भी बड़ा बजट या लोकेशन हो, दर्शक अब ऐसी फिल्मों को सिरे से खारिज करने में देर नहीं लगाते। बॉलीवुड का यह रवैया दिखाता है कि वे दर्शकों को नई कहानियों के बजाय सिर्फ वही पुराना डिब्बाबंद मसाला परोसना चाहते हैं।
निर्माताओं को यह समझना होगा कि सिर्फ बड़े-बड़े टीज़र और सोशल मीडिया लाइव सेशन के नाम पर हाइप क्रिएट करके जनता को लंबे समय तक बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। अगर ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्में अपने मूल कंटेंट पर खरी नहीं उतरती हैं, तो दर्शकों का गुस्सा और तीखा होगा। बॉलीवुड को अब अपनी घिसी-पिटी सोच को तोड़कर कुछ नया और दमदार पेश करना ही होगा, वरना रीमेक और सीक्वल का यह गुब्बारा बहुत जल्द फूटने वाला है!


