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श्रमिकों के बच्चों के सपनों को मिली उड़ान, बड़े स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का खुला रास्ता

Dreams of workers' children take flight; path opens for free education in top schools.

छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह खोल रही है। आर्थिक कठिनाइयों के चलते जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए मुश्किल था, अब वही अवसर सरकारी योजना के जरिए उनके बच्चों को मिल रहा है।

योजना के तहत जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका लाभ कई बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के रूप में मिला है।

ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का काम करने वाले रामधर दुग्गा के बेटे साहिल दुग्गा का चयन रायपुर के राजकुमार कॉलेज में हुआ है। साहिल के चयन से परिवार में खुशी का माहौल है। रामधर का कहना है कि श्रमिक परिवार के लिए ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में बच्चे को पढ़ाना आसान नहीं होता, लेकिन योजना ने उनके बेटे की पढ़ाई का रास्ता आसान कर दिया।

इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड निवासी डिगेश्वरी जैन की बेटी तेजल जैन का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। ओरछा तहसील के ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की बेटी पूर्वी पात्र को संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में पढ़ने का अवसर मिला है। वहीं ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के बेटे हिमांशु राना का चयन कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में हुआ है।

यह योजना दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के प्रतिभावान बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास और करियर निर्माण को भी मजबूत आधार दे रही है। लाभान्वित परिवारों ने इस पहल के लिए श्रम विभाग के प्रति आभार जताया है।