Children from Dhamtari depicted ‘India of My Dreams’ through colors and words.

धमतरी के बच्चों ने रंगों और शब्दों में सजाया ‘मेरे सपनों का भारत’

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर दो दिनों तक आयोजित ‘मेरे सपनों का भारत’ विषयक चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं, विचारों और आकांक्षाओं को रचनात्मक अंदाज में सामने रखा। रंगों से सजे चित्रों और आत्मविश्वास से भरे भाषणों में बच्चों ने ऐसे भारत की कल्पना प्रस्तुत की, जो शिक्षित, आत्मनिर्भर, समृद्ध, स्वच्छ, तकनीकी रूप से सक्षम और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो।

धमतरी जिले में आयोजित इन प्रतियोगिताओं को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। चित्रकला प्रतियोगिता में जिले के 1,483 विद्यालयों के 60,608 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में भी 1,483 विद्यालयों के 37,146 विद्यार्थियों ने भाग लेकर ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सिर्फ रंग और आकृतियां नहीं बनाईं, बल्कि अपने सपनों के भारत की तस्वीर कागज पर उतारी। कई चित्रों में आधुनिक शिक्षा, स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण, विकसित गांव, आधुनिक कृषि, डिजिटल तकनीक, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रमुखता दी गई। विकास के साथ प्रकृति संरक्षण और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश भी चित्रों में नजर आया।

वहीं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शिक्षा, युवाओं की भूमिका, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक, कृषि विकास, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने यह संदेश भी दिया कि देश का भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी से भी आकार लेता है।

‘मेरे सपनों का भारत’ विषय ने विद्यार्थियों को यह सोचने का अवसर दिया कि वे भविष्य के भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं और उसके निर्माण में उनकी अपनी भूमिका क्या हो सकती है। इस आयोजन से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मंच मिला।

धमतरी में हजारों विद्यार्थियों की सहभागिता ने सेवा संकल्प अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया। 60,608 चित्रों और 37,146 विद्यार्थियों के विचारों में ऐसे भारत की झलक दिखाई दी, जहां आधुनिकता के साथ संस्कृति, विकास के साथ पर्यावरण और प्रगति के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व मिले।

इन प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि बेहतर भारत का निर्माण बड़े सपनों के साथ-साथ उन सपनों को पूरा करने के लिए आज से किए जाने वाले छोटे-छोटे संकल्पों से होगा।

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