Children from Bastar sketch a vision of a developed India; 1.26 lakh students showcase their talent.

बस्तर के बच्चों ने खींची विकसित भारत की तस्वीर, 1.26 लाख विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर

बस्तर जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 18 और 19 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय ‘सपनों का भारत’ कार्यक्रम ने स्कूली विद्यार्थियों में खासा उत्साह पैदा किया। जिले के 2,052 विद्यालयों में आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में 1 लाख 26 हजार 342 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा और विचारों को सामने रखा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भी बड़ी भागीदारी रही।

जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, प्रतियोगिताओं में 65,298 विद्यार्थियों ने चित्रकला और 61,044 विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्राथमिक स्तर से 61,010, पूर्व माध्यमिक स्तर से 32,194 तथा हाई और हायर सेकेंडरी स्तर से 33,138 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में भागीदारी की।

विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के लिए 18,951 अभिभावक और प्रबुद्ध नागरिक तथा 3,124 जनप्रतिनिधि भी विद्यालयों में पहुंचे। इस तरह कार्यक्रम में कुल 1 लाख 48 हजार से अधिक लोगों की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई।

चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, भारतीय सेना का शौर्य, महिला सशक्तिकरण और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपने सपनों के भारत की ऐसी तस्वीर सामने रखी, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान और तकनीक में संभावित उपयोग पर भी विचार रखे। स्वच्छता को नागरिक जिम्मेदारी बताते हुए बच्चों ने स्वच्छ गांव, स्वच्छ शहर और स्वच्छ पर्यावरण को विकसित राष्ट्र की आधारशिला बताया।

माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को लेकर विद्यार्थियों ने स्थायी शांति और विकास की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के अवसरों के विस्तार को क्षेत्र के समग्र विकास से जोड़कर अपने विचार रखे। वहीं भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और समर्पण को विद्यार्थियों ने देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

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