छत्तीसगढ़ में ‘जबर्दस्ती नमाज’ विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा झटका, प्रोफेसर को नहीं मिली राहत

छत्तीसगढ़ में एक संवेदनशील और विवादास्पद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिलीप झा की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। मामला एक एनएसएस कैंप से जुड़ा है, जहां एक छात्र ने आरोप लगाया था कि छात्रों को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।
कोर्ट ने साफ कहा कि एफआईआर को “फर्जी” या “दुर्भावनापूर्ण” बताने का मुद्दा ट्रायल के दौरान ही तय किया जाएगा, अभी नहीं। अदालत ने यह भी माना कि चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं है। प्रोफेसर ने दावा किया कि वे घटना के समय मौजूद नहीं थे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह बचाव ट्रायल में पेश किया जा सकता है।
यह मामला मार्च 2025 के एनएसएस कैंप से जुड़ा है, जहां छात्रों को कथित तौर पर ईद के मौके पर नमाज पढ़ने के लिए दबाव डाला गया था। शिकायत में यह भी आरोप था कि ऐसा न करने पर सर्टिफिकेट रद्द करने की धमकी दी गई थी।
इस फैसले के बाद राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा संस्थानों की भूमिका और छात्रों के अधिकारों पर तीखी बहस छिड़ गई है। मामला अब ट्रायल कोर्ट में जाएगा, जहां सच्चाई का अंतिम फैसला होगा।




