नेपाल में फिर बाढ़ का कहर! 4 घर और सस्पेंशन ब्रिज बहा, पर्यटन कारोबार पर भी मंडराया संकट

नेपाल के पहाड़ी जिले गोरखा में रविवार सुबह एक बार फिर बाढ़ ने तबाही मचा दी। थेरांग नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बाढ़ की चपेट में चार घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बह गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बूढ़ीगंडकी नदी बेसिन में अलर्ट जारी कर दिया है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को खतरे की जानकारी मिल गई। जिला पुलिस के मुताबिक, पानी बढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए थे। इसी वजह से इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक 1,344 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 5 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस आपदा से नेपाल को करीब 400 अरब नेपाली रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
बाढ़ की मार अब नेपाल के पर्यटन उद्योग पर भी साफ दिखाई देने लगी है। सितंबर से नवंबर तक का समय नेपाल में पर्यटन का पीक सीजन माना जाता है, लेकिन खराब मौसम और बाढ़ की तबाही के कारण होटल और ट्रैवल कंपनियों की बुकिंग रद्द होने लगी हैं।
नेपाल के पर्यटन कारोबार में भारतीय पर्यटकों की भूमिका सबसे अहम है। 2024 के पर्यटन आंकड़ों के मुताबिक नेपाल पहुंचे 11.48 लाख विदेशी पर्यटकों में 3.18 लाख भारतीय थे। यानी कुल विदेशी पर्यटकों में करीब 27.7 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की रही। ऐसे में बाढ़ और प्राकृतिक आपदा का लंबा असर नेपाल की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग पर गंभीर संकट खड़ा कर सकता है।
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