शिक्षक दिवस पर रामविचार नेताम का बड़ा संदेश: गुरुजन ही गढ़ते हैं राष्ट्र की भावी पीढ़ी

बलरामपुर-रामानुजगंज में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे एक पूरी पीढ़ी के चरित्र, सोच और भविष्य को आकार देते हैं।
जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि गुरुजन ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और रचनात्मक सोच विकसित करते हैं। शिक्षक ही बच्चों में कुछ नया सीखने की जिज्ञासा पैदा करते हैं और उन्हें बेहतर नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इन संस्थानों के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा और भविष्य के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
समारोह में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने भी शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों का ऐसा मार्गदर्शन करने का आह्वान किया, जिससे वे आगे चलकर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन सकें।
21 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्याम सुंदर चौरगे, नीलीमा एक्का और जवाहर लाल पैकरा को सम्मानित किया गया। वहीं शिक्षादूत पुरस्कार से जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



