अमेरिका के शांति प्रस्तावों को पैरों तले कुचल रहा इस्राइल

मध्य पूर्व की सुलगती और खून से सनी जमीन पर शांति की हर उम्मीद दफन हो चुकी है। इजराइल के रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज ने लेबनान के खंडहर बन चुके इलाकों में खड़े होकर दुनिया को खुली चुनौती दी है कि इस्राइली सेना किसी भी कीमत पर लेबनान, सीरिया और गाजा की धरती से अपना एक कदम भी पीछे नहीं हटाएगी।
अमेरिकी प्रशासन के तमाम गिड़गिड़ाने और कूटनीतिक शांति प्रस्तावों के बावजूद इस्राइल का यह दुस्साहस साबित करता है कि बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून या मानवीय अपील को घास डालने को तैयार नहीं है। लेबनान के प्रधानमंत्री ने इस्राइल की इस ‘व्यवस्थित बर्बरता और तबाही’ को मानवता के खिलाफ सीधा अपराध करार दिया है।
विस्तारवादी जिद और नरसंहार के खौफनाक मोर्चे
इस्राइल का बेशर्म तर्क है कि जब तक उसके हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक बफर जोन और सैन्य कब्जे जारी रहेंगे।
नेतन्याहू अपने कट्टरपंथी सहयोगियों के राजनीतिक दबाव के सामने अंधे हो चुके हैं, जिसके कारण वे किसी भी समझौते को लात मार रहे हैं।
दक्षिणी लेबनान के दर्जनों शहर और गांव मलबे के ढेर में बदल चुके हैं और लाखों लोग दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
क्या पश्चिम एशिया में शांति का नाटक करने वाले देशों के सारे प्रयास महज दिखावा साबित होंगे, या इस्राइल का यह अंधा सैन्य अहंकार पूरे मिडिल ईस्ट को एक महाविनाश के गर्त में धकेल देगा?



