देश की राजधानी दिल्ली का दिल कहा जाने वाला जंतर-मंतर अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भयंकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प देखने को मिली। स्थिति को बेकाबू होते देख प्रशासन को पूरे इलाके में सख्त पाबंदियां लागू करनी पड़ीं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उनके समर्थकों द्वारा बिना पूर्व अनुमति के जंतर-मंतर को फिर से विरोध स्थल बनाने के इरादे से मार्च निकाला गया था। जब पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोका, तो प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स और फांदकर गेट पर चढ़ गए। पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग किया, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस कार्रवाई के दौरान सीजेपी के प्रमुख नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सीजेपी का आरोप है कि प्रशासन जानबूझकर कानूनी आधार न होने के बावजूद उनके नेताओं को रिहा करने में देरी कर रहा है और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
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