अमेरिकी राजनीति में आज की सुबह एक भयानक भूचाल लेकर आई है। मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और अटलांटा समेत दर्जनों अमेरिकी शहरों में लाखों लोगों ने ‘नो किंग्स’ (No Kings) बैनर तले अब तक का सबसे बड़ा सत्ता विरोधी प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुचलकर तानाशाही और एकतंत्र थोपने की कोशिश कर रहा है।
कैपिटल हिल और वाशिंगटन के लिंकन मेमोरियल के आसपास विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लोगों ने ट्रंप की आव्रजन, आर्थिक और न्याय प्रणाली से जुड़ी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब ट्रंप समर्थकों के राइट-विंग कैडर और इन प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर सीधी खूनी हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े।
इस जन-आक्रोश ने साफ कर दिया है कि अमेरिका आंतरिक रूप से बेहद खतरनाक मोड़ पर बंट चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन आने वाले चुनाव में गृहयुद्ध जैसी स्थिति की नींव रख सकता है।
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