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महासमुंद : हाथियों का डॉन तीन दिन से गायब, लेकिन उत्पात जारी, भगाने ग्रामीण कर रहे रतजगा

महासमुंद :सिरपुर जंगल में उत्पात मचा रहे हाथियों के सरदार तीन दिन से लापता है। लेकिन 18 हाथियों के दल का उत्पात अभी भी जारी है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग पल-पल दहशत में रह रहे हैं। इसके साथ ही हाथियों का दल किसानों के खेत और बाड़ी को तबाह कर रहा है। यहां हाथियों के दल को खदेडऩे तैनात वन कर्मचारी आराम फरमा रहे हैं।

लगातार आंदोलित हो रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने कहा अब तक हाथी को खदेडऩे और ग्रामीणों को सुरक्षा देने के नाम पर कर्मचारियों ने लाखों खर्च कर चुके हैं। ग्रामीणों ने वनकर्मचारियों पर आरोप लगाया कि यहां तैनात कर्मचारी अब ग्रामीणों का सुनना भी बंद कर दिए हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण रतजगा कर खुद की सुरक्षा कर रहे हैं।

वनकर्मचारियों पर आरोप लगाया कि यहां तैनात कर्मचारी अब ग्रामीणों का सुनना भी बंद कर दिए हैं

हाथी भगाओं संयोजक ने कहा इस क्षेत्र में रहने वाले लोग अब हाथियों के उत्पात से परेशान हो चुके है। लगातार-शासन प्रशासन से हाथियों को यहां से खदेडऩे की मांग की गई लेकिन किसी तरह ठोस कार्रवाई नहीं होने से इस क्षेत्र में रहने वाले लोग आंदोलित हो रहे

जानिए इस दल का डॉन कौन है?

ग्रामीणों के अनुसार यहां कुल 24 हाथी है
जिसका दो हाथी डॉन है जो अलग-थलग घुमते हैं, जिसमें से एक दतैल है।
तीन दिन पहले इस डॉन हाथी को लोगों ने लहंगर जंगल के पास देखा था।
वर्तमान में 18 हाथी गढ़सिवनी, पीढ़ी तथा अछोला जंगल में है।
4 हाथी का दल कुकराडीह बंजर में ही है।
जानिए डॉन कितना खतरनाक
अब तक दतैल डॉन हाथी ने तीन साल के भीतर आठ लोगों की जान लेने के अलावा दर्जनों को घायल किया है।
इनकी हो चुकी है मौत
हरबंध ध्रुव, प्यारलाल कमार, दरबारू बिझवार, सूरज साहू, कमला बाई, पुरूषोत्तम दीवान, नीराबाई, तथा कंवर की मौत हाथी कुचनले से हो चुकी है।

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