रूस-नाटो तनाव फिर बढ़ा, दुनिया की निगाहें यूरोप पर

दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। यूरोप में रूस और नाटो देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल की घटनाओं ने सुरक्षा विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार रोमानिया के पास हुए रूसी ड्रोन हमले ने नाटो की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाटो सदस्य देशों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। दूसरी ओर रूस ने अपने कदमों को सुरक्षा आवश्यकताओं से जोड़कर देखा है।
इसी दौरान अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत भी अनिश्चितता में फंसी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। यदि स्थिति बिगड़ती है तो ऊर्जा कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
ब्रिटेन भी इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ब्रिटिश विदेश मंत्री की चीन और भारत यात्रा को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा का केंद्र रूस-यूक्रेन संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार है।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ सप्ताह वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। किसी भी बड़े सैन्य या कूटनीतिक घटनाक्रम का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर पड़ेगा।


