जशपुर में जनजातीय योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर सख्त निर्देश

रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जशपुर कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जनजातीय समुदाय के कल्याण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनजातीय क्षेत्रों में संचालित सभी योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बैठक के दौरान आयोग की संवैधानिक शक्तियों और जिम्मेदारियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय के समान अधिकार प्राप्त हैं। आवश्यकता पड़ने पर आयोग संबंधित अधिकारियों को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आयोग की अनुशंसाएं संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं, इसलिए हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई आवश्यक है।
समीक्षा में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। अनुसूचित जनजाति समुदाय के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने, विद्यालयों के नियमित निरीक्षण तथा सभी बालिका छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले में 400 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हैं, विद्यार्थियों के लिए थ्री-डी प्लेनेटोरियम शो आयोजित किए जा रहे हैं तथा मनोरा में छात्रों ने 10 हजार फीट तक उड़ान भरने वाले एमेच्योर रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया है।
कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने, जनजातीय परिवारों को आजीविका योजनाओं से जोड़ने तथा धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान और जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनजातीय युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं पुलिस विभाग को अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों में संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई तथा दूरस्थ क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाकर दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए।




