खाड़ी में अमेरिकी नौसेना का चक्रव्यूह! होर्मुज पर कब्ज़े की ईरानी साज़िश नाकाम, ट्रम्प की ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ की तैयारी से सहमा खोमैनी गुट!

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि ईरान चुपके से होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तरी भाग को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेकर वैश्विक तेल सप्लाई को बंधक बनाने की फिराक में था। इसके जवाब में पिछले 24 घंटों में अमेरिकी और ओमान की नौसेनाओं ने दक्षिणी भाग में ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह रचा कि ईरानी युद्धपोत अपनी सीमा में दुबकने को मजबूर हो गए। पूरे पश्चिम एशिया—जिसमें यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब शामिल हैं—वहां अमेरिकी दूतावासों ने ‘हाई-अलर्ट’ जारी कर अपने नागरिकों को तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर जाने या इलाका छोड़ने को कह दिया है। यह इस बात का साफ संकेत है कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान की वायुसेना को पंगु बनाने के लिए ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित कर सकता है।
ईरान एक विषम (Asymmetric) युद्ध लड़ रहा है, क्योंकि उसे अच्छी तरह अंदाजा है कि पारंपरिक जंग में वह अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य शक्ति के सामने टिक भी नहीं पाएगा। जून में हुए युद्धविराम (MOU) को दोनों पक्षों द्वारा तोड़े जाने के बाद अब हालात करो या मरो के हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह संभावना प्रबल है कि यदि ईरान ने अगले 12 घंटों में समुद्री जहाजों को बंधक बनाना बंद नहीं किया, तो अमेरिकी सेंट्रल कमांड ईरान के तटीय रडार केंद्रों और मिसाइल लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद कर देगी। ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही प्रतिबंधों के बोझ तले दम तोड़ रही है, ऐसे में अमेरिकी नौसेना की यह नाकेबंदी तेहरान के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकती है।



