देश की राजधानी में सत्ता के गलियारों से लेकर कला के गलियारों तक एक भीषण नया बवाल खड़ा हो चुका है। राजनीति की इस विषैली हवा में इस बार निशाना बने हैं कांग्रेस की दिग्गज नेता प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा। राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में लगी एक फोटो प्रदर्शनी से रेहान वाड्रा द्वारा खींची गई युवा विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों को प्रशासन ने रातों-रात जबरन हटवा दिया। इस घटना के सामने आते ही विपक्षी खेमा आगबबूला हो उठा है और इसे सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी पर तानाशाही हमला करार दे रहा है।
दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस का संचालन राजस्थान सरकार करती है। यहां आयोजित एक आर्ट एग्जीबिशन में रेहान वाड्रा ने देश में हुए विभिन्न युवाओं और छात्रों के आंदोलनों व विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें लगाई थीं। लेकिन 22 अक्टूबर की सुबह यह खबर तेजी से फैली कि प्रदर्शनी स्थल के अधिकारियों ने इन तस्वीरों की सामग्री को “आपत्तिजनक” और प्रदर्शन के “समय (टाइमिग)” पर सवाल उठाते हुए उन्हें गैलरी से हटा दिया है। रेहान वाड्रा ने खुद सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की कि उन्हें अधिकारियों द्वारा कहा गया कि तस्वीरों का कंटेंट राजनीतिक रूप से संवेदनशील और आपत्तिजनक है।
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस समर्थकों और सत्ता पक्ष के बीच सोशल मीडिया पर सीधा युद्ध छिड़ गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार गांधी-वाड्रा परिवार के नाम से ही थर-थर कांपती है और एक युवा कलाकार की कैमरे की नजर को दबाना चाहती है, वहीं सत्ताधारी दल का कहना है कि सरकारी संपत्तियों व दीवारों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रोपेगैंडा और विरोध प्रदर्शनों को भड़काने के लिए नहीं करने दिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि नियम-कायदों के तहत केवल व्यावसायिक और गैर-विवादास्पद कला को ही जगह दी जा सकती है। फिलहाल बीकानेर हाउस के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और कला प्रेमियों के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ता भी इस प्रशासनिक सेंसरशिप के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।
यह पूरा वाकया सिर्फ कुछ तस्वीरों को हटाए जाने भर का नहीं है, बल्कि यह देश में घटते लोकतांत्रिक स्पेस और कलात्मक स्वतंत्रता पर कड़ा प्रहार करता है। जब सत्ता की सनक किसी कलाकार के लेंस से निकली कड़वी सच्चाई को बर्दाश्त करने की ताकत खो देती है, तब बीकानेर हाउस जैसी घटनाएं जन्म लेती हैं।








