कोर्ट का फैसला: बलात्कार करने वाले कुकर्मी टीचर को सुनाई फांसी की सजा

भोपाल.

मध्यप्रदेश में सतना की जिला अदालत ने 4 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले टीचर को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। बच्ची से बलात्कार करने और बुरी तरह से उसके अंगों को घायल करने के दोषी टीचर को 2 मार्च को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया गया है।

बच्ची से हैवानियत करने वाला टीचर अभी जबलपुर जेल में बंद है और यहीं पर उसे फांसी पर लटकाया जाएगा।

बच्ची के साथ बर्बरता करने के दिन अब तक शिक्षक को फांसी की सजा मिलने में सात महीने का वक्त लग गया। अगर शिक्षक की ओर से किसी ऊपरी अदालत में अपील नहीं दाखिल की जाती तो घटना के आठ माह के भीतर ही उसे फांसी पर लटका दिया जाएगा। अगर टीचर को फांसी हो जाती है तो वह 15 साल की कम उम्र की बच्ची से बलात्कार करने के लेकर बने नए कानून के तहत पहली मौत की सजा होगी।

बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले टीचर का नाम महेंद्र सिंह गोंड है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने 30 जून को बच्ची को अगवा किया था और जंगल में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया था। इतना ही नहीं वह बच्ची को मरी समझ कर वहीं फेंक कर चला आया था। बच्ची की तलाश कर रहे मां-बाप घंटों बाद उसे जंगल पर पड़ा हुआ पाया था। उसकी हालत बहुत बुरी थी और जिंदा होने की उम्मीद कम ही थी। बच्ची के घरवाले जब उसे सरकार अस्पताल ले गए तो वहां डॉक्टरों ने सरकार की मदद से फौरन दिल्ली के लिए रिफर कर दिया था।

इस घटना ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। हालांकि पुलिस ने भी इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ घंटों के भीतर ही आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया था।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एक बेंच ने जनवरी के आखिरी सप्ताह में मामले की सुनवाई करते हुए केस को दुर्लभ से दुर्लभतम माना था। और दोषी गोंड की फांसी की सजा बरकरार रखी थी। इधर बच्ची का दिल्ली के एम्स में महीनों इलाज चला तब जाकर उसकी जान बची थी। घटना के वक्त बच्ची की आंते भी पेट से बाहर आ गईं थीं।

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